भारतीय स्क्वाश के लिए नया अध्याय, वर्ल्ड कप जीतकर रचा इतिहास

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भारत ने स्क्वाश की दुनिया में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार स्क्वाश वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ भारत वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला एशियाई देश बन गया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने हांगकांग को एकतरफा अंदाज़ में 3-0 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट भारत में आयोजित हुआ, जहां घरेलू दर्शकों के जोरदार समर्थन के बीच भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और इतिहास रच दिया।

फाइनल में भारत की ओर से अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने पहले मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद पुरुष वर्ग में अभय सिंह ने दमदार खेल दिखाते हुए सीधे सेटों में मुकाबला जीतकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। निर्णायक मैच में युवा स्टार अनाहत सिंह ने बेहतरीन आत्मविश्वास और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए हांगकांग की खिलाड़ी को हराया और भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी। तीनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आया।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। ग्रुप चरण से लेकर नॉकआउट मुकाबलों तक भारत ने मजबूत टीमों को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में विश्व की दिग्गज टीम को मात देकर भारत पहले ही संकेत दे चुका था कि इस बार खिताब उसका लक्ष्य है। फाइनल में उसी आत्मविश्वास और रणनीति का असर दिखा, जिसने भारत को चैंपियन बना दिया।

इस ऐतिहासिक जीत को भारतीय स्क्वाश के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश में स्क्वाश को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और खेल प्रशासकों ने इस जीत को वर्षों की मेहनत और सही दिशा में की गई तैयारी का परिणाम बताया है। भारत की यह सफलता न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर गर्व का विषय है, बल्कि एशियाई स्क्वाश के लिए भी एक नई शुरुआत मानी जा रही है।

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