प्रयागराज में माघ मेला का पहला स्नान पर्व: श्रद्धालुओं की भीड़ और दो फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारी

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प्रयागराज में माघ मेला 2026 का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। त्रिवेणी संगम — जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती मिलती हैं — पर आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। प्रशासन के अनुसार पहले दिन ही लगभग 25 से 30 लाख लोग स्नान के लिए संगम पहुँचे, और अनुमान है कि पूरे 44‑दिन के मेले में लगभग 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु शामिल होंगे। इस मौके पर लोग पुण्य की डुबकी, दान‑दक्षिणा और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आत्मिक शांति और पुण्य की कामना कर रहे हैं।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मेले के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। 17 थानों, 42 चौकियों, जल पुलिस और फायर टेंडरों के साथ एआई‑लैंस सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर सेक्टर में अलाव, रैन बसेरे, चिकित्सा शिविर, पार्किंग और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मेला क्षेत्र में फर्जी संत और बाबाओं का सक्रिय होना सम्भव है, इसलिए श्रद्धालुओं को सावधान रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की सलाह दी गई है।

वास्तव में, आज मेला क्षेत्र से दो फर्जी बाबाओं को पकड़ लिया गया, जो श्रद्धालुओं को गुमराह करने और धोखाधड़ी करने में संलग्न पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे तत्वों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और किसी भी अनुचित गतिविधि के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

माघ मेला केवल स्नान का आयोजन नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना, तपस्या और धार्मिक अनुशासन का प्रतीक भी है। कल्पवास का पालन करने वाले श्रद्धालु एक माह तक त्रिवेणी तट पर रहकर प्रार्थना और साधना में लीन रहते हैं। माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा, और इसके दौरान छह मुख्य स्नान पर्व — पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि — आयोजित किए जाएंगे। यह महापर्व श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति का अनुभव कराता है और धार्मिक आस्था को मजबूत करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

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