वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन, मादुरो की करीबी डेल्सी रोड्रिग्ज को मिली अंतरिम जिम्मेदारी

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वेनेजुएला इस समय गंभीर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अचानक सत्ता से दूर होने के बाद देश में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इसी बीच वेनेजुएला की सर्वोच्च अदालत ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी सौंप दी है। अदालत का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने और संवैधानिक ढांचे के तहत शासन चलाने के लिए लिया गया है, ताकि देश में अराजकता न फैले।

डेल्सी रोड्रिग्ज को वेनेजुएला की राजनीति में राष्ट्रपति मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक सरकार के अहम पदों पर काम किया है और मादुरो सरकार की नीतियों को लागू करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। मादुरो की अनुपस्थिति में उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति बनाए जाने को सत्ता के अंदरूनी ढांचे को स्थिर रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को राजधानी काराकास में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। समय के साथ वह वेनेजुएला की सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी की प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। अपने राजनीतिक करियर में वह संचार और सूचना मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय संविधान सभा की अध्यक्ष और बाद में देश की उपराष्ट्रपति रह चुकी हैं।

उपराष्ट्रपति रहते हुए डेल्सी रोड्रिग्ज ने आर्थिक प्रतिबंधों, अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू अस्थिरता के बीच सरकार की नीतियों का खुलकर बचाव किया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वह अमेरिका और पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना के लिए जानी जाती रही हैं। यही वजह है कि उन्हें मादुरो की विचारधारा की मजबूत प्रतिनिधि माना जाता है।

मादुरो के सत्ता से हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। अमेरिका समेत कई देशों की नजर वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति पर बनी हुई है। डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपने पहले बयान में कहा कि सरकार देश की संप्रभुता और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी फैसले कानून के दायरे में लिए जाएंगे।

डेल्सी रोड्रिग्ज के सामने अब कई बड़ी चुनौतियां हैं। एक तरफ देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विरोध और अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और जनता का भरोसा कायम रखने की कठिन जिम्मेदारी निभानी होगी।

कुल मिलाकर, डेल्सी रोड्रिग्ज का अंतरिम राष्ट्रपति बनना वेनेजुएला की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि उनका नेतृत्व देश को स्थिरता की ओर ले जाता है या संकट और गहराता है। दुनिया की निगाहें अब वेनेजुएला और उसकी नई अंतरिम राष्ट्रपति पर टिकी हुई हैं।

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