वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में देर रात हुए जोरदार धमाकों और संदिग्ध हवाई गतिविधियों के बाद पूरे देश में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय एक के बाद एक कई विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं और कुछ इलाकों में कम ऊँचाई पर उड़ते विमानों और हेलीकॉप्टरों को देखा गया। इन घटनाओं के बाद कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और लोग घरों से बाहर निकल आए, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ये हमले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किए गए हवाई हमले हो सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कथित तौर पर वेनेज़ुएला के कुछ रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें राजधानी के पास स्थित सैन्य अड्डे और एयरबेस शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर व्हाइट हाउस या पेंटागन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
धमाकों के बाद वेनेज़ुएला सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश की संप्रभुता पर हमला करार दिया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश एक गंभीर बाहरी खतरे का सामना कर रहा है। इसके तुरंत बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल (इमरजेंसी) की घोषणा कर दी और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। राजधानी सहित कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सैन्य और पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।
सरकार का आरोप है कि यह कार्रवाई वेनेज़ुएला को अस्थिर करने और उसकी राजनीतिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा है। मादुरो प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की है और कहा है कि वह इस कथित हमले को संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर उठाएगा। वहीं, आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर है। जब तक अमेरिका या वेनेज़ुएला की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आता, तब तक इन हमलों को लेकर अटकलें जारी रहने की संभावना है। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।












