नालंदा में सुरक्षा बढ़ी: ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को मिली धमकी ने मचाई सनसनी

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बिहार के नालंदा जिले स्थित राजगीर आयुध निर्माणी (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फैक्ट्री प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि परिसर के भीतर सात शक्तिशाली बम लगाए गए हैं और उन्हें किसी भी समय विस्फोटित किया जा सकता है। इस मेल के सामने आते ही फैक्ट्री प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया तथा पूरे परिसर में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

धमकी भरे ईमेल की भाषा और उसमें किए गए दावों ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। मेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का नाम लेने के साथ-साथ तमिलनाडु से जुड़े संदर्भ भी शामिल किए गए थे। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले कि मेल तमिलनाडु से भेजा गया हो सकता है। ईमेल में किसी विवादास्पद धार्मिक स्थल का जिक्र कर भावनाएँ भड़काने की कोशिश भी दिखाई दी, जिससे सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गईं कि कहीं यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा न हो।

धमकी मिलते ही CISF की बम निरोधक इकाई, स्थानीय पुलिस, रेलवे पुलिस और अन्य सुरक्षा दल फैक्ट्री परिसर में पहुंच गए। संवेदनशील बिंदुओं पर तलाशी अभियान शुरू किया गया और सभी प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन किसी भी खतरे को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। फैक्ट्री के कर्मचारियों और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

साइबर सेल की टीम ने ईमेल की तकनीकी जांच शुरू कर दी है, जिसमें मेल हेडर, IP एड्रेस और डिजिटल ट्रेशिंग के जरिए भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि कहीं यह धमकी किसी असामाजिक तत्व द्वारा डर फैलाने या अफवाह फैलाने का प्रयास तो नहीं है, अथवा इसके पीछे कोई संगठित साइबर मॉड्यूल काम कर रहा है।

प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला मानते हुए राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर समन्वय तेज कर दिया है। रक्षा प्रतिष्ठान होने के कारण मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है, और सुरक्षा बलों को हर परिस्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी पुलिस को दें।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ईमेल वास्तव में किसी आतंकी या आपराधिक तत्व द्वारा भेजा गया था या यह महज डिजिटल शरारत थी। फिलहाल राजगीर आयुध निर्माणी और उसके आसपास के क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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