अयोध्या में आज राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा अवसर है, जब मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया है। सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन के साथ पूरा क्षेत्र राममय वातावरण में डूबा हुआ है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुँच रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या पहुँचे और उन्होंने रामलला के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। मंदिर परिसर में उपस्थित होने के बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या की इस पावन भूमि पर आकर वे स्वयं को अत्यंत अभिभूत और भावविभोर महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार राम मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय चेतना का भी प्रतीक बन चुका है।
प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के मौके पर मंदिर में विशेष अभिषेक, आरती और वैदिक विधियों के अनुसार पूजन संपन्न कराया गया। रक्षा मंत्री ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा में भाग लिया और रामलला की आरती भी की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में धर्म ध्वजा का ध्वजारोहण किया, जिसे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान बन चुकी है और राम मंदिर भारतीय सनातन परंपरा की जीवंत पहचान है। कार्यक्रम के दौरान अंगद टीला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को संबोधित करने की भी योजना रखी गई, जहाँ धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दिया गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए कुछ समय के लिए वीआईपी पास पर भी रोक लगाई गई, ताकि आम श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से दर्शन की सुविधा मिल सके।
कुल मिलाकर, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी का यह आयोजन आस्था, भक्ति और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संगम बन गया है। रामलला के दर्शन और विशेष अनुष्ठानों में भाग लेकर श्रद्धालु स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं, वहीं अयोध्या एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्सव के रंग में रंगी नजर आ रही है।













