ईरान‑अमेरिका तनाव: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी संदेश स्पष्ट, “सुरक्षा पर समझौता मत करो”

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी और सलाह दी है कि वह मौजूदा तनावपूर्ण हालात से पीछे हटे और कूटनीति का मार्ग अपनाए। अमेरिकी प्रतिनिधियों ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि ईरान को “आग से दूर हट जाना चाहिए और अमेरिका का हाथ थामना चाहिए।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच संबंध अत्यधिक तनावपूर्ण हैं, विशेषकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को लेकर। अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब 60% तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के मिशन की काउंसलर मॉर्गन ओर्टागस ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब तेहरान सार्थक और सकारात्मक कूटनीति की ओर बढ़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि “ईरान को आग के पास क्यों रहना चाहिए, जबकि ट्रंप प्रशासन कूटनीति का हाथ बढ़ा रहा है।” इसके जवाब में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बैठक में कहा कि तेहरान किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और पश्चिमी देशों को पहले अपने रुख़ में बदलाव करना होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है, और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत अपने अधिकारों की रक्षा करेगा।

इस बैठक के दौरान यह भी याद दिलाया गया कि हाल ही में ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिन तक चले संघर्ष के बाद सीज़फ़ायर लागू किया गया, जिससे मध्य-पूर्व में कुछ राहत की उम्मीदें पैदा हुई हैं। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए वैश्विक समुदाय में चिंताएं बनी हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र में यह कूटनीतिक बहस स्पष्ट रूप से यह संकेत देती है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई से बचते हुए ईरान पर दबाव बनाने के लिए कूटनीति का मार्ग अपनाना चाहता है, लेकिन इसकी सफलता ईरान की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।

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