प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भारत के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। इस सम्मान के साथ ही पीएम मोदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अब तक दुनिया के 29 देशों से उनके सर्वोच्च या प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान प्राप्त कर लिए हैं। यह उपलब्धि न केवल किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए अभूतपूर्व है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रभावशाली कूटनीति का भी स्पष्ट प्रमाण है।
ओमान सरकार ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया। ऊर्जा, व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्ते बीते वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। ओमान की ओर से कहा गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खाड़ी देशों के साथ सहयोग को नई दिशा दी है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिला है।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह भारत-ओमान की सदियों पुरानी मित्रता, आपसी विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के स्तर पर जुड़े हुए हैं। ओमान में रहने वाले भारतीय समुदाय की भूमिका की भी पीएम मोदी ने सराहना की।
गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान, यूएई, सऊदी अरब, मिस्र, नेपाल, भूटान, फिजी, पापुआ न्यू गिनी समेत कई देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इन सम्मानों की श्रृंखला भारत की सक्रिय विदेश नीति, वैश्विक मंचों पर मजबूत उपस्थिति और विकासशील देशों की आवाज बनने की भूमिका को दर्शाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी को लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मान यह संकेत देते हैं कि भारत आज वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक संतुलन में एक अहम शक्ति के रूप में उभर चुका है। ओमान का यह सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के बढ़ते कद, विश्वसनीय नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक भी बन गया है।













