कोलकाता साल्टलेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के बाद बवाल, प्रमुख आयोजक गिरफ्तार

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कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में शनिवार को आयोजित अर्जेंटाइनी फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था और हंगामा देखने को मिला। हजारों फुटबॉल प्रेमी मेसी की झलक पाने और उनसे मिलने की उम्मीद में स्टेडियम में जमा हुए थे। टिकट की कीमतें ₹4,000 से ₹10,000 तक थीं। कार्यक्रम में कथित प्रबंधन की कमी और असमर्थता के कारण मेसी केवल कुछ ही मिनटों के लिए स्टेडियम में मौजूद रहे, जिससे दर्शक नाराज़ हो गए। इस नाराज़गी ने हंगामा और तोड़-फोड़ में बदल गई। दर्शकों ने कुर्सियाँ उठाई, प्रॉपर्टी तोड़ी और अन्य सामान बाहर ले जाने की कोशिश की।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और सुरक्षा बलों को तैनात किया। पुलिस ने मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता को एयरपोर्ट के पास हिरासत में लिया, जब वह आगे के कार्यक्रम के लिए रवाना होने वाले थे। अधिकारियों ने बताया कि सतद्रु दत्ता पर कार्यक्रम के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों और नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। इस मामले में FIR दर्ज की गई है और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि टिकट खरीदारों को पूरी राशि वापस की जाए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए फुटबॉल प्रेमियों और मेसी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद अफसोसजनक है और स्टेडियम में हुई अव्यवस्था को लेकर उन्होंने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने का ऐलान किया है। समिति का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसकी रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसे आयोजनों की बेहतर योजना और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने राज्य सरकार और आयोजकों पर प्रबंधन में चूक और उत्तरदायित्व की कमी के लिए सवाल उठाए हैं। जनता और फुटबॉल प्रशंसक सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं, खासकर उन लोगों ने जिन्होंने कार्यक्रम के लिए भारी कीमतों में टिकट खरीदे थे और अंत में मेसी का दीदार नहीं कर पाए।

कोलकाता में मेसी के कार्यक्रम में पैदा हुई इस अव्यवस्था ने आयोजकों की तैयारी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता की गिरफ्तारी इस मामले में सबसे बड़ी खबर बन गई है। अब सभी की निगाहें जांच, पुलिस कार्रवाई और टिकट रिफंड प्रक्रिया पर टिकी हैं। प्रशासन की कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों में व्यवस्थापन और सुरक्षा को लेकर बेहतर योजनाएँ लागू होंगी और किसी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सकेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल मेसी के भारत दौरे की शुरुआत को विवादित बना दिया है, बल्कि आयोजकों और राज्य प्रशासन के लिए एक सबक भी पेश किया है। यह घटना यह स्पष्ट कर देती है कि बड़े कार्यक्रमों में प्रतिभागियों की संख्या और सुरक्षा को ध्यान में रखकर सटीक योजना और समयबद्ध व्यवस्था जरूरी है। इस घटना से सबक लेते हुए, भविष्य में ऐसे आयोजनों की गुणवत्ता और प्रशंसकों के अनुभव को सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

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