विपक्ष का आरोप—‘नतीजे जनता की मंशा नहीं’, चुनाव आयोग से जांच की मांग तेज

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बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आते ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर नया विवाद भड़क उठा है। विपक्षी दलों ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि कई जगह EVM और VVPAT से जुड़ी अनियमितताएँ दिखाई दीं, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हुआ है। कुछ दलों का कहना है कि नतीजे जनता की वास्तविक इच्छा को प्रतिबिंबित नहीं करते और वे इस मुद्दे को अदालत तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

मतगणना केंद्रों के बाहर और आसपास कई वीडियो और तस्वीरें वायरल होने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। एक वीडियो में देर रात एक ट्रक को काउंटिंग सेंटर के पास जाते देखा गया, जिसे लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया कि उसमें मशीनों के कंटेनर हो सकते हैं। जिला प्रशासन ने सफाई दी कि ट्रक में खाली कंटेनर थे, लेकिन इस घटना ने पहले से चल रहे विवाद को और हवा दे दी। इसी तरह नालंदा समेत कुछ जिलों में CCTV कैमरों के कुछ समय के लिए बंद रहने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे RJD और अन्य दलों ने EVM छेड़छाड़ के आरोप और तेज़ किए। मतदान के दौरान बूथ पर EVM की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने के मामलों में एफआईआर दर्ज होने से भी आचार-संहिता के पालन पर बहस खड़ी हुई।

इन विवादों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष के कई नेताओं ने कहा है कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। कुछ नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अदालत का रुख करेंगे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कुछ केंद्रों पर अधिकारियों के स्थानांतरण जैसे कदम उठाए। प्रशासन ने कई घटनाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सुरक्षा और पारदर्शिता के सभी नियमों का पालन किया गया है।

इन घटनाओं ने मतदाताओं और आम लोगों के मन में भी सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया पर चर्चा तेज है, जहाँ विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए CCTV फुटेज की जांच, VVPAT की सावधानीपूर्वक सत्यापन और मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा जैसे कदम आवश्यक हैं। लोगों का विश्वास बनाए रखना चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, और ऐसे मामलों में स्पष्ट और निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।

कुल मिलाकर, बिहार चुनाव परिणाम आने के बावजूद विवाद थमते नजर नहीं आ रहे हैं। EVM को लेकर उठे प्रश्नों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच, अदालत की संभावित सुनवाई और चुनाव आयोग की आगे की कार्रवाइयाँ यह तय करेंगी कि यह मुद्दा कितना आगे बढ़ता है और मतगणना प्रक्रिया पर उठे संदेह किस हद तक दूर हो पाते हैं।

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