अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह: चुना गया श्रेष्ठ मुहूर्त, सख़्त सुरक्षा और मोबाइल प्रतिबंध लागू

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अयोध्या में आगामी राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियाँ तीव्र गति से चल रही हैं। मंदिर ट्रस्ट ने मुख्य शिखर पर धर्म-ध्वजा आरोहण के लिए दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे के बीच का 30 मिनट का श्रेष्ठ मुहूर्त निर्धारित किया है, जिसके दौरान पूरे वैदिक अनुष्ठान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ध्वजा फहराया जाएगा। यह आयोजन मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के पूर्णता चरण का प्रतीक माना जा रहा है, इसलिए इसे विशेष रूप से गरिमामय और सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। समारोह के लिए देशभर से लगभग 8,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें प्रमुख साधु-संत, सामाजिक प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और विशिष्ट नागरिक शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख राजनैतिक और धार्मिक हस्तियों की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में प्रस्तावित है।

समारोह के दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अतिथियों को पहले से ही सूचित किया जा चुका है कि वे मोबाइल फोन साथ न लाएँ, और यदि लाते भी हैं तो उन्हें बाहरी लॉकरों में ही सुरक्षित रखना होगा। यह व्यवस्था सुरक्षा कारणों और कार्यक्रम की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसी तरह, परिसर और उसके आसपास पुलिस, सीएसएफ और सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी, नाकाबंदी और वैकल्पिक यातायात मार्गों की व्यवस्था भी कार्यक्रम के दौरान प्रभावी रहेगी।

अयोध्या आने वाले अतिथियों के लिए आवास और यात्रा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। शहर के होटलों, अतिथि गृहों और टेंट सिटी में विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि आने वाले मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि कार्यक्रम के दौरान आम श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन व्यवस्था में कुछ समय के लिए परिवर्तन किए जा सकते हैं। इस अवधि में मंदिर परिसर के कुछ हिस्से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रह सकते हैं, ताकि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हो सके।

ध्वजारोहण की धार्मिक महत्ता भी अत्यधिक गहरी है। माना जाता है कि मंदिर के गर्भगृह और शिखर पर ध्वजा फहराना देवस्थल की ऊर्जा और पूर्णता का प्रतीक होता है। इस अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए देशभर के विद्वान आचार्यों और कर्मकांड विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है, जो वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे कार्यक्रम का संचालन करेंगे। अयोध्या के नागरिकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था में सहयोग दें।

कुल मिलाकर, राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अयोध्या की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के एक नए अध्याय का प्रतीक भी बनने जा रहा है। सुरक्षा, व्यवस्था और पारंपरिक वैदिक विधियों के साथ यह आयोजन देश-विश्व का ध्यान आकर्षित करेगा।

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