इंडिगो ऑपरेशन संकट पर SC सख्त, लेकिन तत्काल सुनवाई से इनकार—DGCA कार्रवाई पर नज़र

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सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस के हालिया परिचालन संकट पर दायर एक अर्ज़ी पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सुर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और विमानन नियामक इस मुद्दे को पहले से ही गंभीरता से देख रहे हैं, इसलिए न्यायालय को इस समय तात्कालिक हस्तक्षेप की जरूरत महसूस नहीं होती। कोर्ट का स्पष्ट रुख यह था कि पहले सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों और नियामक कार्रवाई को देखा जाए, उसके बाद ही न्यायालय आगे किसी तरह की सुनवाई या निर्देश देने पर विचार करेगा। अर्ज़ी में यह दावा किया गया था कि इंडिगो के परिचालन में भारी अव्यवस्था के कारण देशभर में हजारों यात्रियों को प्रभावित होना पड़ा है, कई बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द हुई हैं और यात्रियों को लंबे विलंब, लाइन और रिफंड की परेशानी झेलनी पड़ी है।

गत दिनों इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या रीस्‍केज्यू‍ल किए जाने से देश के लगभग 90 से अधिक हवाई अड्डों पर यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक सप्ताह में ही कई हजार उड़ानें प्रभावित हुईं, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य प्रमुख एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी और कई संगठनों तथा यात्रियों ने कोर्ट और सरकार दोनों से हस्तक्षेप की मांग की। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में एयरलाइन द्वारा हुए “ऑपरेशनल कोलैप्स” की जांच और यात्रियों के लिए सुरक्षा तथा राहत प्रोटोकॉल तैयार करने की मांग की गई थी।

इस बीच डीजीसीए ने भी मामले को गंभीर मानते हुए इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। नियामक ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है, साथ ही यह भी पूछा है कि उड़ान शेड्यूलिंग और पायलट प्रबंधन में ऐसी खामियाँ कैसे रह गईं कि परिचालन इतने बड़े पैमाने पर प्रभावित हो गए। रिपोर्टों में यह भी संकेत दिए गए कि नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के दौरान उचित योजना न होने से शेड्यूलिंग दबाव बढ़ा और बड़ी संख्या में उड़ानें बाधित हुईं। केंद्र सरकार ने भी डीजीसीए की कार्रवाइयों की निगरानी के साथ एयरलाइन से यात्रियों को रिफंड, मुआवजा और वैकल्पिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इंडिगो संकट का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी लंबित है, जहां प्रभावित यात्रियों की ओर से राहत संबंधी दिशा-निर्देश माँगे गए हैं। हाई कोर्ट शीघ्र ही इस पर सुनवाई करेगा, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर बहु-स्तरीय प्रक्रियाएँ पहले से चल रही हैं। अदालत ने संकेत दिया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ या सरकार/नियामक की कार्रवाई पर्याप्त नहीं हुई, तो न्यायालय भविष्य में उचित कदम उठाने पर विचार कर सकता है। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बुकिंग, रिफंड या नई टिकट से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता मंच या न्यायालय से संपर्क करें।

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