दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने स्वर्ण मंदिर में की सेवा, गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को किया सम्मानित

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नई दिल्ली/अमृतसर: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट सोमवार, 8 दिसंबर 2025 को पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर पहुँचीं और वहां माथा टेकने के साथ जूठे बर्तन धोकर सेवा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे अपने लिए श्रद्धा और कृतज्ञता का कार्य बताया। उनका यह कदम गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली में आयोजित गुरमत समागम की सफलता के लिए धन्यवाद अर्पित करने के उद्देश्य से किया गया।

इस अवसर पर दिल्ली में 23 से 25 नवंबर 2025 तक लाल किले पर बड़े पैमाने पर गुरमत समागम का आयोजन हुआ, जिसमें क़ीर्तन दरबार, लाइट-एंड-साउंड शो, प्रदर्शनी और ऐतिहासिक शहीदी यात्रा शामिल थीं। इस आयोजन में करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजनों के दौरान हाल ही में हुई कुछ सुरक्षा घटनाओं के बावजूद कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह सब गुरु साहिब की कृपा और श्रद्धालुओं की आस्था का नतीजा है।

स्वर्ण मंदिर में मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट ने माथा टेककर श्रद्धा अर्पित की और छबील (लंगर/सेवा स्थान) में जाकर जूठे बर्तन धोए। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उनके साथ मौजूद रहे। रेखा गुप्ता ने मीडिया से कहा कि इस सेवा का उद्देश्य दिल्ली में गुरमत समागम की सफलता के लिए धन्यवाद अर्पित करना था और यह धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि इस प्रकार के आयोजन आने वाली पीढ़ियों को गुरु साहिब की शहादत और उनके आदर्शों को सम्मान देने की प्रेरणा देंगे।

सिख धर्म में स्वर्ण मंदिर में सेवा करना — माथा टेकना और बर्तन धोना — श्रद्धा, सेवा और समानता का प्रतीक माना जाता है। इस प्रकार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा स्वर्ण मंदिर में यह सेवा न केवल एक औपचारिक धन्यवाद यात्रा थी, बल्कि यह धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। इस कदम ने समाज में सहिष्णुता, श्रद्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया और धार्मिक आयोजनों में आस्था और सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

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