मुंबई, 11 जून 2026: भारतीय शेयर बाजार आज नकारात्मक बंद हुआ। पश्चिम एशिया में US-ईरान तनाव के नये दौर, अमेरिका में बढ़ती महंगाई और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई। BSE सेंसेक्स 150.63 अंक (0.20%) की गिरावट के साथ 73,832.55 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 53.35 अंक (0.23%) टूटकर 23,161.60 पर बंद हुआ।
मुख्य कारण:
US-ईरान संघर्ष: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमलों की खबरों से जियो-पॉलिटिकल रिस्क बढ़ गया। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें ऊपर चढ़ीं, जिससे भारत जैसे आयातक देशों में महंगाई का खतरा बढ़ा।
US महंगाई डेटा: अमेरिका में मई के CPI आंकड़ों में अपेक्षा से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ीं।
FII बहाव: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली जारी रही।
सेक्टर पर असर:
IT सेक्टर आज सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यह लगातार सातवें सत्र में गिरा। Infosys, HCL Tech और TCS जैसी कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गई। AI से जुड़ी अनिश्चितताओं और US इकोनॉमी में मंदी की आशंकाओं ने इस सेक्टर को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा एनर्जी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी लाल निशान में रहे। वहीं प्राइवेट बैंकिंग, फार्मा और मीडिया सेक्टर में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार के विशेषज्ञों का मत:
विश्लेषकों का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई है। अगर मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा तो क्रूड ऑयल $95 प्रति बैरल के पार जा सकता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाएगा। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है और मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद के साथ बाजार जल्द रिकवर कर सकता है।
आगे क्या?
निवेशक अब US फेड पॉलिसी, क्रूड ऑयल ट्रेंड और क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखे हुए हैं। निफ्टी के लिए 23,000-23,050 स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 23,300-23,400 रेजिस्टेंस है।











