इम्फाल/कांगपोकपी, 11 जून 2026: मणिपुर में नागा-कुकी तनाव एक बार फिर से भड़क उठा है। सुरक्षा बलों ने 10 जून को कांगपोकपी जिले में 6 नागा पुरुषों के शव बरामद किए, जो 13 मई को लेइलोन वैफेई गांव से कथित तौर पर कुकी सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा किए गए थे। लगभग 28 दिनों बाद मिले इन शवों ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
मणिपुर पुलिस के मुताबिक, करीब 450 जवान, CRPF, असम राइफल्स, स्निफर डॉग्स और फॉरेंसिक टीम की मदद से 24 घंटे की तलाश अभियान के बाद खराम वैफेई गांव के पास ये शव मिले। मृतकों की पहचान कोंसाखुल गांव के निवासियों के रूप में की गई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए इम्फाल के JNIMS अस्पताल ले जाया गया।
यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) का रुख:
UNC ने इस घटना की निंदा करते हुए नागा बहुल इलाकों में 11 जून सुबह 6 बजे से 24 घंटे का पूर्ण बंद (शटडाउन) का आह्वान किया है। संगठन ने मणिपुर की डिप्टी चीफ मिनिस्टर नेमचा किपजेन (कुकी समुदाय) के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यह घटना 13 मई के उस हमले के बाद हुई, जिसमें तीन थाडू चर्च लीडर्स की हत्या हो गई थी। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच अगवा करने की घटनाएं बढ़ीं। 9 जून को 14 कुकी बंधकों को रिहा किया गया था, लेकिन 6 नागाओं की तलाश जारी थी।
अन्य घटनाएं:
कामजोंग और आसपास के इलाकों में दो और मौतों की खबर है, साथ ही कुछ घरों को आग के हवाले किया गया।
नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के सेनापति जिले में कार्यालय पर हमला हुआ।
नागालैंड CM नेफ्यू रियो, मेघालय CM कोनराड सांगमा और अन्य नेताओं ने घटना की निंदा की है।
सरकार की प्रतिक्रिया:
डिप्टी CM नेमचा किपजेन ने हत्या की निंदा की और शांति की अपील की। राज्य सरकार ने जांच का आश्वासन दिया है।











