नई दिल्ली, 11 जून 2026: दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों के संचालन को सख्ती से नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा तथा शहरी विकास मंत्री श्री आशीष सूद ने आज दिल्ली सचिवालय में इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, छात्र कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने उच्च शिक्षा निदेशक को इस नीति नियम बनाने का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
ओल्ड राजेंद्र नगर दुर्घटना के बाद सख्त कदम…
वर्ष 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में बाढ़ और बेसमेंट सुरक्षा की गंभीर लापरवाही के कारण हुई दुखद घटना में कई छात्रों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर.के. गौबा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कोचिंग संस्थानों की संरचनात्मक कमियों, आधारभूत सुविधाओं की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया था।
इसी रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकार अब एक मजबूत नियामक व्यवस्था लागू करने जा रही है। श्री आशीष सूद ने बैठक के बाद कहा, “दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों के मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। हम अव्यवस्थित निगरानी से आगे बढ़कर एक समन्वित शैक्षणिक और नियामक ढांचे की ओर बढ़ रहे हैं।”
बहु-विषयक समिति गठन, ये होंगे प्रमुख फोकस एरिया
बैठक में निर्णय लिया गया कि एक बहु-विषयक समिति (Multi-Disciplinary Committee) गठित की जाएगी, जो निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी:
कोचिंग संस्थानों की शुल्क संरचना (Fee Structure)
छात्र सुरक्षा एवं कल्याण
मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श व्यवस्था
आधारभूत संरचना मानक एवं भवन सुरक्षा अनुपालन
अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण तथा कार्य परिस्थितियों का मानकीकरण
शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism)
नियमित निरीक्षण और अनुपालन निगरानी
बैठक में नगर निगम दिल्ली (MCD), दिल्ली अग्निशमन सेवा, उच्च शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
दिल्ली बनेगा देश का अग्रणी राज्य…
श्री सूद ने कहा कि दिल्ली देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए व्यापक और छात्र-केंद्रित दिशा-निर्देश जारी करेगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रस्तावित ढांचा सुरक्षित, पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करेगा, जहां देशभर से लाखों छात्र पढ़ने आते हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में ऐसी कोई दुर्घटना दोबारा न हो और कोचिंग संस्थान सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं बल्कि छात्रों के समग्र विकास के लिए काम करें।











