देशभर में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
CJP एक युवा आधारित व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके ने की थी। यह आंदोलन NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की अनियमितताओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय है।
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। इसमें पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा करवाई गई। छात्रों का आरोप है कि सिस्टम में बड़े पैमाने पर धांधली हुई, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।
CJP और छात्र संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि:
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार हों
पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई हो
प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले
जंतर मंतर पर क्या हो रहा है?
दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही है। सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने तैनाती बढ़ा दी है। कुछ दिनों पहले सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो की 16-17 स्टेशन बंद भी की गई थीं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ था।
हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन तोड़ दिया है। सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के आश्वासन के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया। लेकिन CJP ने साफ कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, प्रदर्शन जारी रहेगा।
सरकार की तरफ से बातचीत के संकेत दिए गए हैं। सीजेपी ने भी न्यूट्रल जगह पर बातचीत करने की बात कही है। वहीं विपक्ष भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
देशभर में फैला आंदोलन
दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना, सूरत, लखनऊ और कई अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।












