पटना: बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को सभी अनुमंडल पदाधिकारी सह विशेष पदाधिकारी, कृषि बाजार समिति (वि0) को सख्त निर्देश दिए हैं कि उनके क्षेत्राधिकार अंतर्गत स्थित सभी बाजार प्रांगणों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन द्वारा बिना विधिवत अनुमति के अवैध हाट, मेला या कोई भी अनाधिकृत गतिविधि संचालित न हो। साथ ही बाजार प्रांगणों में कोई अतिक्रमण न होने दिया जाए। यदि ऐसी कोई गतिविधि संज्ञान में आती है तो उसके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर उसे बंद कराना सुनिश्चित किया जाए।
श्री सिन्हा ने कहा कि कृषि विपणन निदेशालय के अधीनस्थ बाजार प्रांगणों में बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के किसी भी प्रकार का अवैध हाट, मेला, अस्थायी बाजार अथवा अन्य अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अनुमान्य नहीं है। ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि कई जगह बिना अनुमति के आयोजन किए जा रहे हैं।
उन्होंने निरसन अधिनियम की धारा-4 का उल्लेख करते हुए बताया कि विशेष पदाधिकारी को बाजार समिति की सभी अचल सम्पत्तियों (भूमि और भवन सहित) तथा चल सम्पत्तियों (बैंक या अन्य स्थानों पर जमा नगद राशि, गाड़ियां, उपकरण, संयंत्र, उपस्कर आदि) का प्रभार लेना है। ये सभी सम्पत्तियां राज्य सरकार की ओर से और राज्य सरकार के लिए उनके प्रभार में रहेंगी। विशेष पदाधिकारी बाजार पर्षद के प्रशासक एवं सरकार के निदेशों के अनुसार कार्य करेंगे।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सम्पत्तियों का उपयोग केवल कृषि तथा किसानों से संबंधित कार्यों में ही किया जा सकता है। इसमें कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, बागवानी, कृषि सेवा, कृषि विपणन, कृषि उत्पादन, भंडारण आदि शामिल हैं। किसी अन्य प्रयोजन के लिए इनका उपयोग गैर-कानूनी होगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में विशेष सतर्कता बरती जाए और बाजार प्रांगणों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त तथा किसान हितैषी बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए।












