नए साल 2026 की शुरुआत पर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को बड़ी राहत देते हुए आपदा प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए 944 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। यह राशि केंद्र द्वारा स्वीकृत कुल 1,430 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज का हिस्सा है, जिसे बीते मानसून के दौरान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए मंजूरी दी गई थी। गृह मंत्रालय की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
जारी की गई पहली किस्त का उपयोग मुख्य रूप से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों के पुनर्निर्माण में किया जाएगा। इसके साथ ही आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने, पुनर्वास योजनाओं को लागू करने और अधूरी पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने पर भी जोर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के इस कदम से राज्य प्रशासन को जमीनी स्तर पर काम तेज करने में मदद मिलेगी।
राज्य प्रशासन के अनुसार, इस पैकेज के तहत 27 विभागों से जुड़ी 222 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें कई चल रही योजनाओं के साथ-साथ नई परियोजनाएं भी शामिल हैं। अब तक बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और जारी राशि का एक बड़ा हिस्सा खर्च भी किया जा चुका है। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पुनर्निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करें, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
सरकार का कहना है कि फंड के समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग पर कड़ी नजर रखी जाएगी, जिससे भविष्य में आने वाली किस्तों की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राहत राशि का सीधा लाभ आपदा प्रभावित क्षेत्रों और लोगों तक पहुंचे।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल जम्मू-कश्मीर के लिए नए साल का एक अहम तोहफा मानी जा रही है। इससे न केवल आपदा से हुए नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी, बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता भी बढ़ेगी।













