चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत जनवरी 2026 से राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस (मुफ्त) इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना से लगभग तीन करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को “मुख्यमंत्री सेहत योजना” (Mukh Mantri Sehat Yojna) का नाम दिया है और स्वास्थ्य विभाग को इसे लागू करने के निर्देश दे दिए हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह कदम राज्य में सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और लोगों को आर्थिक बोझ से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों, सर्जरी, आईसीयू, जांच, दवाइयों और अस्पताल में भर्ती से जुड़ी सभी लागत कवर की जाएगी। इसके अलावा राज्य और पैनल वाले निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कोई आय सीमा नहीं रखी गई है, यानी गरीब, मध्यम वर्ग, सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी सभी इसका लाभ उठा सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी व्यक्ति को इलाज के अभाव में आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। योजना के पहले संस्करण में स्वास्थ्य बीमा कवरेज लगभग 5 लाख रुपये तक था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
पंजाब सरकार ने यह भी बताया है कि योजना के तहत 8 जनवरी 2026 से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि नागरिक अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवा सकें और लाभ प्राप्त कर सकें। इससे राज्य के लगभग तीन करोड़ लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क में कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस योजना को “सार्विक स्वास्थ्य कवरेज” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया और अधिकारियों को इसे सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
इस ऐतिहासिक कदम से पंजाब में स्वास्थ्य सेवा की पहुँच सभी नागरिकों तक सुनिश्चित होगी और लोगों को इलाज के लिए भारी खर्च उठाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।













