‘बापू एक विचार हैं’— लोकसभा में VB-G RAM-G बिल पर शिवराज सिंह चौहान का पलटवार

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लोकसभा ने गुरुवार को कड़े राजनीतिक विवाद और विपक्ष के हंगामे के बीच ‘वीबी-जी-राम-जी’ (विकसित भारत–रोज़गार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक ग्रामीण भारत में रोज़गार के अवसरों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। इस विधेयक को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नए और उन्नत स्वरूप के तौर पर पेश किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूती मिल सके।

विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों को व्यवहार में उतारना है, न कि उनका अपमान करना। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विधेयक को लेकर भ्रम फैला रहा है और बेवजह बापू के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने सदन में कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीबों, किसानों और मज़दूरों के हित में है तथा इससे रोज़गार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जाएगा।

विपक्षी दलों ने विधेयक के नाम और इसके प्रावधानों को लेकर कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना को खत्म करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस सहित कई दलों ने इसे “बापू के विचारों का अपमान” बताया और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक अधिकार आधारित रोज़गार की गारंटी को योजना आधारित ढांचे में बदल सकता है, जिससे ग्रामीण मज़दूरों के अधिकार प्रभावित होंगे।

सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नए विधेयक के तहत रोज़गार की गारंटी, पारदर्शी भुगतान प्रणाली, बेहतर निगरानी तंत्र और केंद्र–राज्य के बीच स्पष्ट वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि “बापू सिर्फ नाम नहीं, एक विचार हैं और सरकार उसी विचार को आगे बढ़ा रही है।” उनके मुताबिक यह कानून ग्रामीण भारत को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है।

विधेयक के लोकसभा से पारित होने के बाद अब इसके कार्यान्वयन से जुड़े नियम और दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि नया कानून ज़मीन पर किस तरह लागू होता है और इससे ग्रामीण रोज़गार व्यवस्था में क्या व्यावहारिक बदलाव आते हैं। फिलहाल, ‘वीबी-जी-राम-जी’ विधेयक संसद और देश की राजनीति में एक बड़े मुद्दे के रूप में सामने आ गया है, जिस पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है।

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