उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। पार्टी हाईकमान ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने और आगामी चुनावी रणनीति को सुचारू रूप से लागू करने के उद्देश्य से इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया है। लखनऊ से जारी पत्र के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 13 दिसंबर 2025 को होगी। इस दिन उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच दाखिल करेंगे। उसी दिन नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि भी निर्धारित है। यदि केवल एक उम्मीदवार ही नामांकन करता है, तो उसे सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
यदि एक से अधिक उम्मीदवार नामांकन करते हैं, तो मतदान और मतगणना 14 दिसंबर 2025 को होगी। नए प्रदेश अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान केंद्रीय मंत्री और चुनाव पर्यवेक्षक पीयूष गोयल के समक्ष किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े भी मौजूद रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव केवल भाजपा के प्रांतीय परिषद के सदस्यों द्वारा किया जाएगा, जिनकी संख्या लगभग 400 है।
चुनाव में कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, योगी सरकार के धर्मपाल सिंह, बीएल वर्मा और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रमुख हैं। पार्टी के भीतर ओबीसी नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं पर भी सियासी हलचल तेज है। यह चुनाव संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है और अब नए नेतृत्व की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चुनाव पूरी होने के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष अपनी टीम के साथ 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करेगा। इस प्रकार भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए आगामी राजनीतिक चुनौती के लिए तैयार हो रही है।













