तेलंगाना सरकार ने राज्य के स्टार्टअप परिदृश्य को नई ऊर्जा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी ने बताया कि सरकार ₹1,000 करोड़ का एक विशेष Startup Fund of Funds तैयार कर रही है, जिसका उद्देश्य उभरती हुई टेक्नोलॉजी कंपनियों, डीप-टेक स्टार्टअप्स और बौद्धिक संपदा आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना है। इस फंड की स्थापना से शुरुआती और विकास के दौर में मौजूद स्टार्टअप्स को पूंजी, विशेषज्ञता और आवश्यक व्यावसायिक मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे तेजी से बढ़ते हुए वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान बना सकें।
सरकार का लक्ष्य है कि इस फंड के माध्यम से हैदराबाद को भारतीय नवाचार मानचित्र पर एक शक्तिशाली यूनिकॉर्न हब के रूप में स्थापित किया जाए। रेवंथ रेड्डी ने स्पष्ट किया कि 2034 तक कम से कम 100 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न क्लब में पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है, और इसके लिए सरकार निवेश के साथ-साथ एक सक्षम डिजिटल और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करेगी। इस घोषणा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राज्य नवाचार-आधारित आर्थिक विकास में विश्वास रखता है, और युवा उद्यमियों की प्रतिभा को बड़े वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह कार्यक्रम तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट और ‘Google for Startups’ हब के शुभारंभ के दौरान विशेष रूप से चर्चा में रहा, जहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने हैदराबाद में निवेश और सहयोग के प्रति रुचि व्यक्त की। समिट में जीवन-विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फिनटेक और उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में बड़े निवेश समझौते भी हुए, जिससे राज्य की नवाचार-क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद बढ़ गई है।
तेलंगाना सरकार इस फंड को संचालित करने के लिए T-Hub जैसे प्रमुख नवाचार केंद्रों और अनुभवी वेंचर कैपिटल मैनेजरों के साथ साझेदारी कर सकती है, ताकि पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख निवेश सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फंड सुव्यवस्थित और रणनीतिक ढंग से संचालित किया गया, तो यह न केवल राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि हैदराबाद को वैश्विक नवाचार हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।













