राम मंदिर ध्वजारोहण तैयारियाँ तेज, पीएम मोदी के कार्यक्रम में किया गया आंशिक बदलाव

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अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह को लेकर शहर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राज्य प्रशासन ने इस आयोजन को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की हैं। सड़क मार्गों को सुव्यवस्थित किया गया है, यातायात नियंत्रण की रूपरेखा निर्धारित की गई है, और प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती के साथ शहर को कार्यक्रम के अनुरूप सजाया जा रहा है।

कार्यक्रम में इस बार एक महत्वपूर्ण परिवर्तन भी किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के हनुमानगढ़ी दर्शन को पहले से निर्धारित कार्यक्रम से हटा दिया गया है। यह बदलाव सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और समय प्रबंधन के आधार पर किया गया है। स्थानीय प्रशासन और पुजारियों ने भी पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री के हनुमानगढ़ी आने की कोई नई सूचना नहीं आई है, इसलिए यह कार्यक्रम अब उनके दौरे का हिस्सा नहीं रहेगा। यह परिवर्तन आयोजन को समयबद्ध और अधिक सुचारु रखने की दृष्टि से लिया गया निर्णय माना जा रहा है।

राम मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिथियों के स्वागत के लिए भी नई व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं। समारोह में लगभग 6,000 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना है, जिसके लिए बैठने की विशेष व्यवस्था, स्वागत–स्थल, विश्राम–क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बढ़ाया गया है। शहर में कई पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है तथा आगंतुकों के मार्गदर्शन के लिए सूचना-सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने मार्गों को अलग-अलग जोनों में बांटकर हर जोन में विशेष टीमें नियुक्त की हैं, ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से लागू की जा सके।

प्रधानमंत्री के आगमन पर रोड-शो की भी योजना बनाई गई है, जिसमें स्कूली बच्चे, स्थानीय नागरिक और विभिन्न सामाजिक समूह उनका स्वागत करेंगे। यह रोड-शो आठ जोनों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग टीमें नियुक्त की गई हैं, ताकि सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आयोजकीय अनुशासन बनाए रखा जा सके। शहर में छोटे–बड़े मार्गों, चौराहों और मंदिर परिसर के आसपास व्यापक साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।

ट्रस्ट और प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि 25 नवंबर को सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश सीमित रखा जा सकता है। हालांकि आगामी दिनों में नियमित दर्शन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जनता से अपील की गई है कि शहर में यात्रा करते समय यातायात नियमों, सुरक्षा निर्देशों और प्रशासनिक मार्गदर्शन का पालन करें, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

अयोध्या में यह आयोजन सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरी व्यवस्था इस प्रकार बनाई गई है कि ध्वजारोहण समारोह गरिमा, अनुशासन और परंपरा के अनुरूप संपन्न हो और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं तथा अतिथियों के लिए यह एक यादगार अनुभव बन सके।

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