वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और सुस्त अंतरराष्ट्रीय मांग के बावजूद भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। मजबूत आर्थिक बुनियाद, स्थिर नीतिगत माहौल और बड़े घरेलू बाजार के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भारत पर लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्ष में FDI प्रवाह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे देश की विकास दर और औद्योगिक क्षमता को नई गति मिलेगी।
हाल के वर्षों में भारत सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। कारोबार में आसानी, कर व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस और उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं ने विदेशी कंपनियों के लिए भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाया है। विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश में लगातार मजबूती देखी जा रही है।
नए और प्रस्तावित व्यापार समझौते भी FDI बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने कई देशों और आर्थिक समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और आर्थिक सहयोग करारों को आगे बढ़ाया है, जिनका उद्देश्य निवेश, निर्यात और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना है। इन समझौतों से विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच, कम टैरिफ और स्थिर नीतिगत ढांचा मिल रहा है, जिससे दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहन मिल रहा है।
वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और “चाइना प्लस वन” रणनीति ने भी भारत के पक्ष में माहौल तैयार किया है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां जोखिम कम करने और वैकल्पिक उत्पादन केंद्र विकसित करने के लिए भारत की ओर रुख कर रही हैं। युवा कार्यबल, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और मजबूत उपभोक्ता आधार भारत को अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करते हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मौजूदा नीतिगत स्थिरता बनी रहती है और व्यापार समझौतों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो अगले वर्ष भारत में FDI का स्तर और ऊंचा हो सकता है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि तकनीक हस्तांतरण, निर्यात वृद्धि और समग्र आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत करता जा रहा है।













