नई दिल्ली: दिल्ली में गुड गवर्नेंस डे के अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 240 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनकी शैक्षणिक क्षमताओं को और मजबूत करना है। टैबलेट मिलने से विद्यार्थी ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल टूल्स का बेहतर उपयोग कर सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई अधिक प्रभावी और सुलभ होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा और तकनीक का संयोजन बेहद जरूरी है। डिजिटल संसाधन छात्रों को न केवल पढ़ाई में मदद करते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर मेधावी छात्र को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें और आर्थिक या संसाधनों की कमी उसकी प्रगति में बाधा न बने।
इस अवसर पर समाज के लिए प्रेरणा बनने वाले दिव्यांग व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें दृष्टिबाधित आईएएस अधिकारी डॉ. आयुषी डबास, उच्च दिव्यांगता के बावजूद डॉक्टरेट हासिल करने वाली और सामाजिक संस्था चलाने वाली डॉ. आभा खेतरपाल तथा सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त होकर भी शोध और सामाजिक अधिकारों के लिए सक्रिय शौर्य सूद शामिल रहे। इन व्यक्तित्वों ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
मंत्री सूद ने कहा कि इन प्रेरणादायी व्यक्तियों का जीवन यह संदेश देता है कि शारीरिक चुनौतियां कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकतीं, यदि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प मजबूत हो। छात्रों को उनसे सीख लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
कार्यक्रम में गुड गवर्नेंस डे के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। कुल मिलाकर यह आयोजन शिक्षा, तकनीक और प्रेरणा के संगम के रूप में सामने आया, जिसने छात्रों को आगे बढ़ने का नया उत्साह दिया।













