जापान की बड़ी तैयारी: इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट, चीन की बढ़ी टेंशन

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जापान ने बढ़ते क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे और खासतौर पर चीन की सैन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट मंजूर किया है। जापानी कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026 के लिए लगभग 9.04 ट्रिलियन येन (करीब 58 अरब अमेरिकी डॉलर) के रक्षा बजट को हरी झंडी दी है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है और जापान की सुरक्षा नीति में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।

इस रिकॉर्ड रक्षा बजट का मुख्य उद्देश्य जापान की रोकथाम और जवाबी हमले की क्षमता (Counter-Strike Capability) को मजबूत करना है। इसके तहत लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों और ड्रोन तकनीक के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। जापान घरेलू स्तर पर विकसित टाइप-12 मिसाइल को और उन्नत करने के साथ-साथ समुद्र, जमीन और हवा से संचालित हथियार प्रणालियों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

तटीय और द्वीपीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जापान ड्रोन आधारित रक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है, जिससे समुद्री सीमाओं की निगरानी और रक्षा को और प्रभावी बनाया जा सके। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष निगरानी और आधुनिक खुफिया तंत्र पर भी इस बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूर्वी चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में चीन की सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। जापान सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए उसे अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है। नई सुरक्षा नीति में चीन को सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा गया है, वहीं उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों को भी गंभीर खतरा बताया गया है।

इस रक्षा बजट के साथ जापान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 2 प्रतिशत रक्षा क्षेत्र पर खर्च करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह कदम जापान को दुनिया के प्रमुख सैन्य खर्च करने वाले देशों की श्रेणी में और मजबूत स्थिति में ला देगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला केवल आत्मरक्षा और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए है, न कि किसी देश के खिलाफ आक्रामक नीति के तहत।

कुल मिलाकर, जापान का यह रिकॉर्ड रक्षा बजट एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों को दर्शाता है। चीन को यह एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि जापान अब अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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