पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत-GCC रिश्तों में ऐतिहासिक मजबूती

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रिय और संतुलित कूटनीति के चलते भारत और खाड़ी देशों के संबंध बीते एक दशक में अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुए हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के साथ भारत के रिश्ते अब केवल ऊर्जा और व्यापार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, निवेश, तकनीक और प्रवासी भारतीयों के कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुके हैं। इस बदले हुए संबंधों का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि GCC के अधिकांश सदस्य देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने-अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है।

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के ओमान दौरे के दौरान उन्हें वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत–ओमान संबंधों में बढ़ती मजबूती और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर भी मुहर लगी, जिससे व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। ओमान के साथ यह समझौता भारत की खाड़ी नीति के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले भी संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे GCC देशों द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। खाड़ी क्षेत्र के पांच से अधिक देशों से मिले ये सम्मान इस बात का संकेत हैं कि भारत अब इस क्षेत्र में एक भरोसेमंद और प्रभावशाली साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। इन सम्मानों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में निरंतरता, पारदर्शिता और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी गई है।

खाड़ी देश भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी इन देशों में कार्यरत हैं, जो न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, बल्कि भारत के लिए भी आर्थिक और सामाजिक रूप से अहम भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति ने इन प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर भी खाड़ी देशों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रयासों ने भारत–GCC संबंधों को नई दिशा और मजबूती दी है। खाड़ी देशों से मिले सर्वोच्च सम्मानों को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और मजबूत कूटनीतिक स्थिति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन रिश्तों के जरिए व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग और अधिक गहराने की उम्मीद जताई जा रही है।

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