राजस्थान में हाल ही में पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जिले के Kerli आदर्श चावा गांव में छिपी एक अवैध ड्रग फैक्टरी का पता चलते ही डीएसटी, सदर थाना पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। इस छापेमारी में पुलिस ने लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की MD ड्रग्स और उत्पादन सामग्री जब्त की, जिससे राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और उत्पादन के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 39.77 किलोग्राम तैयार MD ड्रग पाउडर और लगभग 99.93 किलोग्राम तरल रसायन बरामद किए। इसके अलावा, ड्रग्स बनाने के उपकरण जैसे ग्लास वेसल, वैक्यूम पंप, चार्नर मशीन, फर्नेस, डीप फ्रीजर, डिजिटल तापमान मापक और 100-लीटर टैंक्स भी जब्त किए गए। आरोपी के दो लक्जरी वाहन भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। बरामद सामग्री और रसायनों की अनुमानित कुल बाजार कीमत लगभग 80–85 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यदि ये सामग्री उत्पादन में इस्तेमाल होती, तो इससे और भी बड़ी मात्रा में MD ड्रग तैयार की जा सकती थी।
पुलिस ने मकान मालिक भैराराम को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले के मुख्य मास्टरमाइंड मोटाराम जाट और उसके दो अन्य सहयोगी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने NDPS एक्ट (नार्कोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से बाड़मेर और आसपास के जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर बड़ा असर पड़ेगा।
राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है, जब राज्य के विभिन्न जिलों में अवैध MD और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़ी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य की कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है, जिसमें कई तस्करों और उनके नेटवर्क को पकड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की छापेमारी से न केवल अवैध ड्रग्स की आपूर्ति पर रोक लगेगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास भी बढ़ेगा।
इस छापेमारी से यह स्पष्ट हो गया है कि नशे के खिलाफ राज्य की एजेंसियां चौकस हैं और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। बाड़मेर में यह कार्रवाई कानून की सख्ती और नशे के खिलाफ सतर्कता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनी है।













