नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Bill, 2025 यानी जी राम जी (G RAM G) बिल के पारित होने के बाद राजनीतिक माहौल बेहद गरमा गया। राज्यसभा से विधेयक पास होते ही विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया और आधी रात को संविधान सदन के बाहर धरने पर बैठ गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद विपक्षी सांसद पूरी रात संसद परिसर में डटे रहे और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
जी राम जी बिल को सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर लाने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि नया कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाएगा। प्रस्तावित कानून के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को साल में तय दिनों तक रोजगार की गारंटी देने और कौशल आधारित कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सरकार का तर्क है कि यह पहल “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हालांकि विपक्ष इस बिल को लेकर पूरी तरह असहमत नजर आया। कांग्रेस समेत कई दलों का आरोप है कि इस कानून के जरिए MGNREGA जैसी ऐतिहासिक योजना को कमजोर किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि कानून के नाम से ‘महात्मा गांधी’ का उल्लेख हटाना उनके सम्मान और सामाजिक विरासत का अपमान है। साथ ही यह आशंका भी जताई गई कि नया ढांचा राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा और रोजगार के कानूनी अधिकार को सीमित कर सकता है।
बिल पर चर्चा के दौरान संसद के भीतर भी भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नारेबाजी हुई और कुछ सांसदों ने बिल की प्रति फाड़कर अपना आक्रोश जाहिर किया। इसके बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला और गांधी प्रतिमा से संविधान सदन तक प्रदर्शन किया।
राज्यसभा से बिल के पारित होने के बाद विरोध और तेज हो गया। विपक्षी सांसद संविधान सदन के बाहर देर रात तक धरने पर बैठे रहे और सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेताओं ने कहा कि यह कानून गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नया कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा और पिछली योजना में मौजूद खामियों को दूर करेगा। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का मकसद केवल ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। फिलहाल, जी राम जी बिल कानून बनने की प्रक्रिया में आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसके खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक संघर्ष आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।













