प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने उठाया कदम: पेट्रोल पंपों पर PUC जांच अनिवार्य

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु-प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि 18 दिसंबर से किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी तभी मिलेगा जब उसके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC/PUCC) होगा। बिना वैध PUC के वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय GRAP-IV स्तर के तहत राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

साथ ही, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल BS-VI मानक वाले वाहनों ही राजधानी में प्रवेश कर सकेंगे। BS-IV या उससे पुराने मानक वाले वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सड़कों पर चल रहे पुराने और अधिक प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।

पेट्रोल पंपों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी कड़ी की जाएगी। कैमरा सिस्टम और अन्य मॉनिटरिंग तंत्र के माध्यम से PUC जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों ने वाहन मालिकों को एक दिन का समय दिया है ताकि वे अपने वाहनों की PUC जांच करा सकें। इसके बाद नियम लागू कर सख्ती से पालन कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, GRAP-IV के अनुरूप निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी और भारी वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक जैसी व्यवस्थाएँ भी लागू की गई हैं। दिल्ली सरकार ने ऑफिसों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम का निर्देश दिया है ताकि ट्रैफिक और व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, वाहन जब्ती या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की संभावना भी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि PUC अनिवार्यता और BS-VI प्रतिबंध से वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों में कमी आएगी, लेकिन इसके स्थायी प्रभाव के लिए लंबे समय तक निगरानी और नियमों का पालन जरूरी है। आम वाहन मालिकों को सलाह दी जा रही है कि वे तुरंत अपने वाहनों की PUC जांच कराएं और यदि संभव हो तो पुराने वाहनों के स्थान पर CNG, इलेक्ट्रिक या BS-VI वाहन का विकल्प अपनाएं।

Leave a Comment

और पढ़ें