राजगीर में आयोजित भव्य पासिंग-आउट परेड में बिहार पुलिस को कुल 1,218 नए सब-इंस्पेक्टरों (दारोगा) की नियुक्ति की गई। इस बैच में 779 पुरुष, 436 महिलाएं और 3 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल हैं। यह बैच न केवल संख्या की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समावेशिता के संदेश के लिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। तीनों ट्रांसजेंडर अधिकारी—मधु कश्यप, रोहित झा और बंटी कुमार—ने इस पद की तैयारी पूरी कर राज्य पुलिस में अपनी जगह बनाई, जिससे यह पहली बार है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि बिहार पुलिस में शामिल हुए हैं।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नव-नियुक्त अधिकारियों को सलामी दी और उन्हें जिम्मेदारियों के निर्वाह के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संख्या और दक्षता बढ़ाना राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सामाजिक जिम्मेदारी, जनता के प्रति समर्पण और कानून के प्रति निष्ठा बनाए रखने पर जोर दिया।
नए बैच ने विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया, जिसमें ड्राइविंग, फायरिंग, शारीरिक दक्षता, आधुनिक उपकरणों का उपयोग और कानून-विहित प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सामुदायिक पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन और अपराध नियंत्रण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया। इसका उद्देश्य उन्हें वास्तविक ड्यूटी पर तत्काल प्रभावी बनाना और राज्य पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाना था।
समारोह में उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस परेड का शारीरिक और प्रतीकात्मक महत्व दोनों है। यह केवल नए अधिकारियों का औपचारिक स्वागत नहीं है, बल्कि यह पुलिस और समाज के बीच विश्वास और सहयोग को भी मजबूत करने का संदेश देती है। अधिकारियों ने भी इस अवसर पर शपथ ली कि वे अपने कार्यों में ईमानदारी, निष्पक्षता और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
तीनों ट्रांसजेंडर अधिकारियों के शामिल होने को सामाजिक समावेशिता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका चयन यह संदेश देता है कि बिहार पुलिस न केवल बहुलता और विविधता को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि इसे वास्तविक कार्य में लागू करने के लिए भी तैयार है। समाज में उनकी इस उपलब्धि को प्रेरक और सम्मानजनक माना जा रहा है।
राज्य में पुलिस बल की इस मजबूत टीम के साथ, भविष्य में अपराध नियंत्रण, सामुदायिक सहयोग और कानून व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अधिकारियों की तैनाती और पोस्टिंग संबंधित विभाग समयानुसार करेगा, ताकि नए सब-इंस्पेक्टर राज्य की विभिन्न जरूरतों और क्षेत्रों में योगदान दे सकें।
इस अवसर ने बिहार पुलिस के लिए एक नया अध्याय भी खोला है। यह न केवल बल की संख्या और कौशल को बढ़ाता है, बल्कि प्रशासन ने समावेशिता और विविधता के सिद्धांत को व्यवहार में लाकर ट्रांसजेंडर समुदाय को सरकारी सुरक्षा संस्थान में प्रतिनिधित्व दिलाया है। यह कदम राज्य में सामाजिक समानता, न्याय और समर्पित पुलिस सेवा के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार पुलिस का यह नया बैच राज्य में सुरक्षा और सेवा की दिशा में एक मजबूत स्तंभ साबित होने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी फैला रहा है। इस ऐतिहासिक पासिंग-आउट परेड ने स्पष्ट कर दिया कि बिहार सरकार और पुलिस बल सभी वर्गों और समुदायों को समाहित करने के लिए सतत प्रयासरत हैं, ताकि कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक समावेशिता को भी मजबूत किया जा सके।













