ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या हाई अलर्ट पर, योगी आदित्यनाथ आज स्वयं लेंगे तैयारियों का जायजा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियाँ चरम पर पहुँच गई हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर लगभग 190 फीट ऊँचे धर्म ध्वज को फहराने की योजना है, जिसे मंदिर निर्माण पूर्ण होने के आधिकारिक प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राष्ट्रीय संतों तथा प्रमुख हस्तियों की संभावित उपस्थिति के कारण सुरक्षा और प्रबंधन को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसी वजह से प्रशासन ने 25 नवंबर को मंदिर परिसर को पूरी तरह आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय किया है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। ध्वजारोहण के लिए निर्धारित शुभ मुहूर्त दोपहर करीब 12 बजे से शुरू होगा और इसके लिए करीब 8,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। भारतीय सेना ने ध्वज स्थापित करने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास भी किया है, ताकि समारोह के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

सुरक्षा एजेंसियों ने शहर को हाई अलर्ट पर रखा है। अयोध्या एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, क्योंकि कई वीवीआईपी विमानों के आने की संभावना जताई गई है। शहर में जीपीएस आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, जहाँ पार्किंग से लेकर मार्ग-नियंत्रण तक हर व्यवस्था तकनीकी सहायता के साथ संचालित होगी। महत्वपूर्ण मार्गों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और विशेष सुरक्षा दस्तों की तैनाती पहले ही शुरू कर दी गई है। समारोह के दौरान मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को कम किया जा सके।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुँचकर इन सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। उनकी बैठक में मंदिर ट्रस्ट, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल होंगी, जिसमें ट्रैफिक प्लान, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएँ और वीवीआईपी कार्यक्रम के प्रोटोकॉल पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। धर्मिक रूप से यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ध्वजारोहण से पूर्व वैदिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का क्रम भी निर्धारित किया गया है।

इस समारोह का अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर देखा जा रहा है। मंदिर निर्माण के बाद शहर में पर्यटन और तीर्थयात्रा में भारी वृद्धि हुई है, जिसने होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय कारीगरों के काम को नई गति दी है। ध्वजारोहण जैसे बड़े आयोजन से शहर में व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। संपूर्ण तौर पर, 25 नवंबर का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा, प्रशासनिक तैयारी और राष्ट्रीय महत्व का एक संयुक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।

Leave a Comment

और पढ़ें