दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष यमुना नदी के किनारे छठ पूजा मनाने की अनुमति दी जाएगी। पिछले कई वर्षों से यह पूजा यमुना पर प्रतिबंधित थी, लेकिन अब सरकार ने इसे हटाकर श्रद्धालुओं के लिए खुले अवसर प्रदान किए हैं। इस अवसर को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यमुना किनारे 17 मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए टेंट, बिजली, स्वच्छता, शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हर घाट पर व्रतियों का स्वागत फूलों की वर्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सुबह अर्घ्य देने जाने वाले व्रतियों के लिए चाय-पानी जैसी व्यवस्थाओं के साथ किया जाएगा। इसके अलावा, विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें सांसद, विधायक और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित घाटों पर जाकर सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती होगी और यातायात जाम से निपटने के लिए पार्किंग और नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह घोषणा की कि पिछली सरकारों द्वारा यमुना नदी पर छठ पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यमुना नदी को स्वच्छ बनाने और पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इस वर्ष की छठ पूजा दिल्ली में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य रूप से मनाई जाएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को इस महापर्व का अनुभव शांति और श्रद्धा के साथ हो सके।













