नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) समेत अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को जल्द ही अत्याधुनिक रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) से लैस किया जाएगा। ये मानव रहित वाहन IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को निष्क्रिय करने, दुश्मन की लाइव निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर SMG व AK-47 जैसी हथियारों से जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम होंगे। गृह मंत्रालय के तहत छोटे ROV के ट्रायल शुरू हो चुके हैं, जिसमें सभी केंद्रीय बल शामिल हैं।
ROV की खासियतें
IED निष्क्रियकरण: उग्रवाद प्रभावित इलाकों में IED से निपटने के लिए डिजाइन किया गया। ये वाहन जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्व और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कारगर साबित होंगे।
सर्वे और निगरानी: दुश्मन की गतिविधियों का लाइव वीडियो फीड प्रदान करेगा। फाइबर-ऑप्टिक या रेडियो संचार से नियंत्रित।
बहुमुखी उपयोग: हर मौसम (तूफान, कोहरा, बारिश, अंधेरा) में काम करने में सक्षम। हवाई जहाज, ट्रेन, समुद्री जहाज, बंदरगाह, पहाड़ी और जंगली इलाकों में उपयोगी।
आकार और क्षमता: छोटे ROV को आसानी से ले जाया जा सकता है। ये आतंकवाद विरोधी अभियानों को नई ताकत देंगे।
केंद्रीय बलों को अक्सर IED के खतरे का सामना करना पड़ता है, जो वाहनों को भी उड़ा सकते हैं। ROV जवानों को जोखिम में डाले बिना ऑपरेशन करने की क्षमता प्रदान करेगा। ट्रायल और औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद इनकी तैनाती की जाएगी












