सोनम वांगचुक की अनशन: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, CJP प्रदर्शन को कई नेताओं का समर्थन

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नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026: लद्दाखी शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताल के 17वें दिन उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ चुका है, लेकिन वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अडिग हैं।

हड़ताल की पूरी डिटेल्स…

सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 को CJP के प्रदर्शन स्थल पर भूख हड़ताल शुरू की थी। CJP का आंदोलन 20 जून से जारी है, जिसमें NEET-UG 2026 समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।

वर्तमान स्थिति:

हड़ताल 17वें दिन पहुंच चुकी है।

वांगचुक का वजन 8 से 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है।

ब्लड प्रेशर 109/70 mm Hg और ब्लड ग्लूकोज स्तर 67 mg/dL तक गिर गया है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनका शरीर खतरनाक चरण में पहुंच रहा है। लगातार मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है।

वांगचुक ने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने का प्रयास उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

मुख्य मांगें

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा।

परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।

लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान।

समर्थन और प्रतिक्रियाएं

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ कई छात्र संगठन (AISA सहित), किसान नेता और युवा प्रदर्शनकारियों ने सक्रिय समर्थन दिया है।

प्रमुख समर्थक:

पूर्व दिल्ली सीएम आतिशी

अभिनेता ओमी वैद्य

शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे समेत अन्य विपक्षी नेता

कई हस्तियों ने सरकार से संवाद की अपील की है।

आगामी कार्यक्रम: 20 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला जाएगा।

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