SIT ने 8 आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, चंपत राय समेत अन्यों को समन की तैयारी

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अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे और दान राशि में कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच टीम (SIT) ने 8 नामजद आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है। अयोध्या पुलिस चंपत राय और अन्य संदिग्धों को समन जारी करने की तैयारी में है। जांच में व्हाट्सएप चैट डिलीट करने और मोबाइल फॉर्मेट करने के सबूत भी मिले हैं। ट्रस्ट ने अब सुरक्षा व्यवस्था को कड़े नियमों के तहत सख्त करने का ऐलान किया है।

मामले की पूरी डिटेल्स

राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे की रकम में हेराफेरी और चोरी के आरोपों की जांच SIT कर रही है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राई के ड्राइवर), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं।

  • गिरफ्तारियां और बरामदगी: सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से लगभग ₹79.85 लाख नकद बरामद किए गए। SIT ने CCTV फुटेज के जरिए 42 दिनों में 70 चोरी की घटनाएं पकड़ीं।
  • छापेमारी: हालिया अपडेट में SIT और अयोध्या पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। घरों से और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
  • डिजिटल सबूत: जांच में पता चला है कि कई आरोपियों ने व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दीं और मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिए। यह सबूत छिपाने की कोशिश माना जा रहा है।
  • चंपत राय की भूमिका: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है। SIT रिपोर्ट में उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं। अयोध्या पुलिस अब उन्हें और अन्यों को समन जारी करने की तैयारी कर रही है। चंपत राय ने कहा है कि SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद मीडिया के सामने आएंगे।
  • ट्रस्ट का ऐलान: ट्रस्ट ने सुरक्षा कड़े नियम लागू करने और प्रक्रियाओं में सुधार की घोषणा की है। 11 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में बड़े सुधारों पर चर्चा होने की संभावना है।

जांच की पृष्ठभूमि

ट्रस्ट को जून की शुरुआत में चोरी की जानकारी मिली थी, लेकिन इसे जनता से छिपाया गया। SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट की व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं, जैसे बिना आदेश के कर्मचारियों द्वारा काम करना और कुछ कर्मचारियों की संपत्ति में अचानक भारी वृद्धि। मामले में 14-30 लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

यह मामला श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। ट्रस्ट के खजांची स्वामी गोविंद देव गिरी ने आश्वासन दिया है कि बड़े चढ़ावे सुरक्षित बैंक लॉकर में हैं।

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