न्यूयॉर्क की अमेरिकी जिला अदालत ने 10 अगस्त 2026 को अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अडानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व सीईओ वनीत जैन के खिलाफ चल रहे आपराधिक धोखाधड़ी और रिश्वत संबंधी आरोपों को विथ प्रिज्युडिस (with prejudice) यानी हमेशा के लिए खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि ये आरोप दोबारा नहीं लगाए जा सकते।
क्या था पूरा मामला?
नवंबर 2024 में (जो बाइडेन प्रशासन के अंतिम दिनों में दायर किया गया था) अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने आरोप लगाया था कि गौतम अडानी और अन्य लोग भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग 250-265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की साजिश में शामिल थे। इसका उद्देश्य सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना था, जिनसे 20 साल में 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा मुनाफा होने की उम्मीद थी। साथ ही आरोप था कि कंपनी ने अमेरिकी निवेशकों को अपनी भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों के बारे में गुमराह किया और फंड जुटाया।
अडानी ग्रुप ने शुरू से इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि सभी कार्रवाइयां कानून के अनुसार हुईं। गौतम अडानी खुद कभी अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुए।
अदालत का फैसला और जज की टिप्पणी
ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गरौफिस ने 47 पेज के आदेश में DOJ की याचिका मंजूर की। जज ने हालांकि प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल एसोसिएट डिप्टी अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैक्कॉटर ने केस खारिज करने का फैसला अडानी के वकीलों के साथ मिलकर लिया, बिना मूल जांचकर्ताओं, FBI या SEC एजेंटों से पूरी तरह सलाह लिए। जज ने इसे “concerning” और “highly unusual” बताया।
जज ने यह भी जांचा कि क्या नवंबर 2024 में अडानी के 10 बिलियन डॉलर अमेरिका में निवेश करने के वादे का कोई प्रभाव पड़ा। अंत में उन्होंने संतुष्ट होकर कहा कि निवेश वादा फैसले का कारण नहीं था। कुछ अन्य आरोपियों (जो अदालत में पेश नहीं हुए) के खिलाफ कुछ काउंट्स पर अभी और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गौतम अडानी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे इसे विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने सत्य, निष्पक्षता और कानून के शासन में अपने विश्वास को दोहराया।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद मंगलवार (11 अगस्त 2026) को अडानी ग्रुप के शेयरों में रैली देखी गई। व्यापक बाजार कमजोर रहने के बावजूद अडानी कंपनियों के शेयर 3-3.5% तक चढ़े। अडानी ग्रीन एनर्जी सबसे ज्यादा (लगभग 3.4-3.5%) बढ़ी, जबकि अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर और अन्य कंपनियों में भी अच्छी तेजी रही। ग्रुप की कुल मार्केट कैप 18 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
यह फैसला अडानी ग्रुप के लिए एक बड़ा कानूनी बोझ हटाने वाला साबित हुआ है। पहले SEC के साथ सिविल मामले में समझौता भी हो चुका था।













