दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने AAP पर साधा निशाना, 2020 दंगों को बताया सुनियोजित साजिश

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दिल्ली | दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे की गहरी साजिश को जानबूझकर नजरअंदाज किया।

 

सूद ने कहा कि इन दंगों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दुनिया की नजरें दिल्ली पर थीं, तब देश के अंदर संकट पैदा करने की कोशिश की गई।

गृह मंत्री ने AAP के कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि विधायक अमानतुल्लाह खान, सांसद संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का बार-बार बचाव किया और उसे राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश की। ताहिर हुसैन को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

दोहरे मापदंड का आरोप

सूद ने AAP के कथित दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पहले कहा था कि अगर AAP का कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे दोगुनी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन 8 मार्च 2020 को अमानतुल्लाह खान ने सार्वजनिक रूप से ताहिर हुसैन का बचाव करते हुए कहा था, “हुसैन को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह मुस्लिम है। शायद आज भारत में सबसे बड़ा अपराध मुस्लिम होना है।”

गृह मंत्री ने पूछा, “एक तरफ दोगुनी सजा की बात और दूसरी तरफ पीड़ित होने का कार्ड—यह कैसा दोहरा मापदंड है?”

दंगों की समयरेखा पेश क

आशीष सूद ने दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक की घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शरजील इमाम और उमर खालिद के भाषणों में ट्रंप की यात्रा का स्पष्ट उल्लेख था और भीड़ को सड़कें जाम करने तथा ‘चक्का जाम’ करने की अपील की गई थी। दोनों पर दंगा मामलों में आरोप हैं।

उन्होंने घटनाक्रम इस प्रकार बताया:

22-23 फरवरी: जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन और सड़क अवरोध शुरू हुए। इसके बाद मौजपुर-जाफराबाद इलाके में झड़पें हुईं।

24 फरवरी: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में आगजनी, पथराव और पेट्रोल बम हमले हुए। इसी दिन दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई।

25 फरवरी: इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा को चांद बाग में हिंसक भीड़ ने घसीटकर ले जाया। उनकी निर्मम हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया।

‘टूलकिट’ के पांच चरण

गृह मंत्री ने दंगों के दौरान इस्तेमाल किए गए कथित राजनीतिक टूलकिट को पांच चरणों में परिभाषित किया:

नैरेटिव → लामबंदी → समन्वय → हिंसा/उकसावा → पीड़ित होने का दावा

उन्होंने उन नेताओं और नैरेटिव तैयार करने वालों की आलोचना की, जिन्होंने हिंसा के आरोपियों का बचाव किया और कानून व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों को ही दोषी ठहराया।

आशीष सूद ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को किसी भी ऐसी राजनीतिक टूलकिट या साजिश का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा, जिसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना हो।

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