पंजाब के गुरुद्वारे में झड़प: उत्तराखंड से जमानत पर रिहा 4 निहंग सिखों के स्वागत समारोह में हिंसा, एक पर हमला

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मोहाली: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के मामले में जमानत मिलने के बाद पंजाब लौटे चार निहंग सिखों के स्वागत और सम्मान समारोह के दौरान मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां में झड़प हो गई। एक व्यक्ति ने निहंग नेता बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की, जिससे हंगामा मच गया।

पूरी घटना का विवरण:

  • मूल घटना (कर्णप्रयाग, उत्तराखंड): 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक समूह के साथ स्थानीय व्यापारियों/लोगों में पार्किंग विवाद पर झड़प हो गई। निहंग सिखों पर तलवारों से हमला करने का आरोप लगा। पुलिस ने चार निहंग सिखों — जश्नप्रीत सिंह (23), अजय सिंह (23), सतविंदर सिंह (21) और मनप्रीत सिंह (21) — को गिरफ्तार किया। इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं (हत्या के प्रयास सहित) में FIR दर्ज हुई।
  • प्रतिरोध और गतिरोध: गिरफ्तारी के बाद निहंग सिखों के समर्थकों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में तीन-चार दिन तक गतिरोध किया। पंजाब से जत्थे आए, हिमाचल के पोंटा साहिब में इकट्ठा हुए और उत्तराखंड बॉर्डर पर तनाव बढ़ा। आखिरकार बातचीत से 23 जून को गतिरोध समाप्त हुआ।
  • जमानत और स्वागत: चमोली/गोपेश्वर कोर्ट ने 27 जून को चारों को जमानत दे दी। वे पोंटा साहिब गुरुद्वारे पहुंचे और फिर पंजाब लौटे। मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अकाल तख्त के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
  • झड़प का विवरण: समारोह के दौरान एक व्यक्ति ने बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की। समर्थकों ने हमलावर को पकड़ लिया, पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। दो निहंग समूहों के बीच भी हल्की झड़प हुई। पुलिस को भारी तैनाती करनी पड़ी। बाबा जसदीप सुरक्षित रहे। अकाल तख्त ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।

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