नई दिल्ली: एक बड़े फार्मास्यूटिकल फ्रीबीज मामले में 30 डॉक्टरों (9 राज्यों से) पर AbbVie Healthcare India द्वारा प्रायोजित लग्जरी विदेशी यात्रा (Paris और Monaco) स्वीकार करने का आरोप है। यात्रा की कुल लागत लगभग ₹1.91 से 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। Department of Pharmaceuticals (DoP) की Apex Committee ने कंपनी को UCPMP (Uniform Code for Pharmaceutical Marketing Practices) का उल्लंघन करने का दोषी पाया, लेकिन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई अभी भी लंबित है।
मामला क्या है?…
2024 में AbbVie कंपनी ने 30 भारतीय डॉक्टरों को Aesthetics & Anti-Aging Medicine World Congress के नाम पर Monaco (फरवरी) और Paris (मार्च) की सैर कराई। इसमें फ्लाइट, लग्जरी होटल और अन्य खर्च शामिल थे।
ये यात्राएं professional development के बहाने की गईं, लेकिन इन्हें pleasure trips माना गया, जो UCPMP 2024 के खिलाफ है।
कंपनी को reprimand मिला। CBDT को डॉक्टर्स और कंपनी की टैक्स लायबिलिटी जांचने के लिए कहा गया।
कार्रवाई की स्थिति…
कुल 30 डॉक्टर guilty पाए गए, लेकिन सरकार ने केवल 27 नाम National Medical Commission (NMC) को भेजे।
NMC ने इन नामों को संबंधित 9 राज्य मेडिकल काउंसिल्स (State Medical Councils) को भेजा, जहां ये डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं।
6 राज्य मेडिकल काउंसिल्स ने अब तक कोई Action Taken Report NMC को नहीं सौंपा (RTI के जवाब में खुलासा)।
NMC के Ethics Board में कई पद खाली होने के कारण भी देरी हो रही है।
NMC चेयरपर्सन ने पुष्टि की कि मामला अभी जांच के अधीन है। डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
क्यों गंभीर है मामला?…
फार्मा कंपनियां डॉक्टरों को जंकेट, गिफ्ट्स और स्पॉन्सरशिप देकर अनावश्यक दवाओं की प्रिस्क्रिप्शन बढ़ाती हैं, जो मरीजों के लिए महंगा और अनैतिक है।
Indian Medical Council (Professional Conduct) Regulations, 2002 के तहत ऐसे गिफ्ट्स/ट्रिप्स पर सख्ती है।
यह पूरा प्रकरण डॉक्टर-फार्मा nexus को उजागर करता है, जिस पर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं।












