बंगाल में अवैध घुसपैठियों की डिपोर्टेशन: 4800 भेजे गए बांग्लादेश, 836 और इंतजार में

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। सीमा जिलों में स्थापित होल्डिंग सेंटर्स से 4800 अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश भेज दिया गया है, जबकि 836 और लोग अभी होल्डिंग सेंटर्स में हैं और जल्द ही उन्हें repatriate किया जाएगा।

“डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” अभियान…

नई भाजपा सरकार ने चुनावी वादे के अनुरूप “Detect, Delete and Deport” नीति लागू की है। मई 2026 में सत्ता संभालने के तुरंत बाद सरकार ने सभी 23 जिलों में होल्डिंग सेंटर्स बनाने के आदेश जारी किए। इन केंद्रों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों और उन कैदियों को रखा जा रहा है जिनकी deportation/repatriation लंबित है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा:

“सीमा जिलों में होल्डिंग सेंटर्स से 4800 अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश भेज दिया गया है। फिलहाल 836 लोग और इन केंद्रों में हैं, जिन्हें भी शीघ्र repatriate किया जाएगा।”

बॉर्डर सुरक्षा पर जोर…

सरकार ने BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए अतिरिक्त जमीन सौंपी है (कुल 142.79 एकड़)।

556 किमी फेंसिंग की जरूरत में से 100 किमी से ज्यादा के लिए जमीन सौंपी जा चुकी है।

मुरशिदाबाद, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जैसे जिलों में सबसे ज्यादा फोकस।

यह कार्रवाई CAA के तहत पात्रता नहीं रखने वाले लोगों पर केंद्रित है। कई अवैध घुसपैठिए पहले ही खुद बॉर्डर की ओर भाग रहे थे, जिससे “रिवर्स एक्सोडस” जैसी स्थिति बनी।

राजनीतिक विवाद…

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर आरोप है कि उन्होंने अवैध घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेज दिए।

विपक्ष इसे मानवाधिकार मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय संसाधनों की रक्षा का तर्क दे रही है।

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