नई दिल्ली/श्री विजयापुरम: 5 जून 2026 को ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान ऑफशोर ब्लॉक में दूसरी प्राकृतिक गैस खोज की घोषणा की। यह खोज भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है, क्योंकि इससे हाइड्रोकार्बन भंडार बढ़ने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद जगी है।
खोज का स्थान: श्री विजयापुरम-3 (Sri Vijayapuram-3) एक्सप्लोरेटरी वेल, जो अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। पानी की गहराई 355 मीटर।
ब्लॉक: AN-OSHP-2018/1 (शैलो ऑफशोर ब्लॉक), ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत आवंटित।
पहली खोज: सितंबर 2025 में विजयापुरम-2 वेल में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी पाई गई थी।
महत्व: अब तक इस ब्लॉक में ड्रिल किए गए तीन वेल्स में से दो में हाइड्रोकार्बन (मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस) की पुष्टि हो चुकी है। यह अंडमान बेसिन को भारत के नए हाइड्रोकार्बन फ्रंटियर के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
सरकारी प्रतिक्रिया: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज की घोषणा की और इसे “ऊर्जा के महासागर” की ओर बढ़ता कदम बताया।
यह खोज भारत की आयात निर्भरता कम करने, समुद्र मंथन मिशन और घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भारत अपनी गैस जरूरतों का लगभग आधा आयात करता है। अब अप्रेजल ड्रिलिंग और कमर्शियल वायबिलिटी टेस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।












