चुनाव आयोग ने मंगलवार, 4 नवंबर 2025 से देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। आयोग के अनुसार इस पुनरीक्षण के दौरान लगभग 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों को घर-घर जाकर सत्यापन करने और नए पात्र मतदाताओं (जो 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे) को सूची में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिन मतदाताओं का नाम दोहराया गया है, स्थान परिवर्तन हुआ है या मृत्यु के कारण नाम हटाने की आवश्यकता है, उन्हें भी इस प्रक्रिया में अपडेट किया जाएगा। यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, विशेष पुनरीक्षण की प्रारंभिक गतिविधियाँ अक्टूबर-नवंबर में की गईं। अब नवंबर-दिसंबर के बीच घर-घर सत्यापन और दस्तावेजों की जांच होगी। चुनाव आयोग दिसंबर में मसौदा मतदाता सूची जारी करेगा, जिसके बाद नागरिक अपने नाम जोड़ने, सुधारने या हटवाने के लिए दावे और आपत्तियाँ दर्ज कर सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण जनवरी 2026 तक किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
यह विशेष पुनरीक्षण अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप जैसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में किया जा रहा है। हालांकि, कुछ स्रोतों के अनुसार तेलंगाना जैसे अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय प्रशासन की अनुशंसा पर यह प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के इस अद्यतन अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय निर्वाचन अधिकारी इस बात की निगरानी करेंगे कि हर पात्र व्यक्ति का नाम सूची में जुड़ सके और किसी भी मतदाता का नाम बिना कारण न हटे। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की मसौदा सूची आने के बाद उसे ध्यानपूर्वक जांचें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तत्काल आवेदन करें।
आयोग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। नागरिक ईसीआई की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए भी अपना नाम जोड़ने या सुधारने का अनुरोध कर सकते हैं। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान को चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, समावेशी और भरोसेमंद बनाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।













