पटना। बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आई धीमी गति और बेहद कम बजट व्यय पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
मंत्री ने साफ कहा कि “योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुँचे, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं”। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मात्र 3% हुआ बजट व्यय
समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की वित्तीय प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाए जाने पर मंत्री ने असंतोष जताया। अभी तक केवल 3 प्रतिशत ही बजट व्यय हुआ है। श्री सिन्हा ने सख्त निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर योजनाओं के क्रियान्वयन और व्यय में उल्लेखनीय सुधार लाया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंच सके।
स्वीकृति में देरी पर जांच के आदेश
मंत्री ने योजनाओं की स्वीकृति में हो रही देरी को गंभीरता से लिया। संबंधित मामलों की जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही, पिछले तीन वर्षों का जिलावार योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और कारणों की विस्तृत समीक्षा करने को भी कहा।
भविष्य के लिए सख्त टाइमलाइन
श्री सिन्हा ने अधिकारियों को अगले वित्तीय वर्ष से सभी योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति अप्रैल-मई माह में ही पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित निदेशालयों को समय पर जिलावार राशि का प्रावधान एवं मांग सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक एवं वित्तीय बाधाओं को तुरंत दूर करने, वित्त विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
व्यक्तिगत निगरानी और जवाबदेही
उन्होंने कहा कि हर योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। सभी अधिकारी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम करें और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करें। “योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी”। लक्ष्य हासिल न करने या देरी पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हित में प्रतिबद्धता
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभाग के हर अधिकारी इसी भावना से कार्य करें, ताकि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचे।












