TMC में बड़ा संकट: फॉर्ज्ड सिग्नेचर विवाद ने ममता की पार्टी को तोड़ने की कगार पर पहुंचाया

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कोलकाता, 2 जून 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में गहरा आंतरिक संकट पैदा हो गया है। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारी हार (80 सीटों पर सिमटकर) के बाद पार्टी में फूट साफ नजर आ रही है। अभिषेक बनर्जी पर हस्ताक्षर जालसाजी के आरोपों के बीच दो विधायकों को निष्कासित कर दिया गया है, जिससे बागी तत्वों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

विवाद की पूरी कहानी…

चुनाव हारने के बाद TMC ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में Leader of Opposition (LOP) बनाने के लिए एक प्रस्ताव पर कई विधायकों के हस्ताक्षर जमा किए थे। दो नवनिर्वाचित TMC विधायकों — रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा — ने आरोप लगाया कि उनके हस्ताक्षर बिना उनकी सहमति के फॉर्ज कर दिए गए।

दोनों विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को शिकायत की, जिसके बाद पश्चिम बंगाल CID ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। TMC ने तुरंत दोनों को एंटी-पार्टी एक्टिविटी का आरोप लगाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

निष्कासन के बाद दोनों विधायकों ने कोलकाता के EM बाईपास के पास एक होटल में गुप्त बैठक की। सूत्रों के अनुसार, 50 से ज्यादा TMC विधायक इस बैठक में शामिल हुए या समर्थन में हैं। बागी गुट अब पार्टी सिंबल पर दावा करने और अलग फ्रैक्शन बनाने की तैयारी में बताया जा रहा है।

ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया…

TMC चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले को BJP की साजिश बताते हुए कोलकाता में बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने 2 जून को सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। ममता ने कहा है कि अगर राज्य में अनुमति नहीं मिली तो वे दिल्ली तक जाएंगी।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कई विधायक अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व शैली से नाराज हैं और CID की पूछताछ में अभिषेक का नाम भी सामने आया है।

राजनीतिक प्रभाव…

  • 60+ विधायकों ने ममता बनर्जी की हालिया बैठक में गैर-हाजिरी दर्ज की।
  • Suvendu Adhikari (नए CM) ने इस विवाद को और भड़काया है।
  • अगर बागी गुट मजबूत हुआ तो TMC में विभाजन (split) की आशंका बढ़ गई है — ठीक शिवसेना की तरह।

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