नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश और खेतों में जलभराव से प्रभावित किसानों को अब 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुग्रह सहायता दी जाएगी।
कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निर्णय किसानों की वर्तमान आर्थिक वास्तविकताओं और बढ़ती कृषि लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पुरानी दर में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी…
पूर्व में वर्ष 2015 से लागू व्यवस्था के तहत किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ (लगभग 49,421 रुपये प्रति हेक्टेयर) मुआवजा दिया जाता था। नई दर के तहत यह राशि अब 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई है, जो किसानों के लिए राहत भरा फैसला है।
सरकार के अनुमान के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 10,000 किसानों को लाभ मिलेगा। कुल प्रभावित कृषि क्षेत्र 10,977.44 एकड़ (लगभग 4,442.41 हेक्टेयर) है। बढ़ी हुई दर के कारण किसानों को कुल 33.32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता वितरित की जाएगी।
कौन पाएगा लाभ? शर्तें स्पष्ट…
सहायता केवल भूमि के अभिलेखित स्वामियों (recorded owners) को ही दी जाएगी।
कंपनियों के नाम वाली भूमि, ग्राम सभा भूमि और पक्की चारदीवारी वाले फार्महाउस इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
फसल क्षति का आकलन 100 प्रतिशत किया गया है, इसलिए पूर्ण दर से मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली सरकार किसानों के परिश्रम, उनकी आजीविका और कृषि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहे, यही हमारा दायित्व है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार उसी सोच के साथ किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें संकट की घड़ी में सहारा देने का कार्य कर रही है।
यह सहायता किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी और उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए सक्षम बनाएगी।
अधिक जानकारी के लिए किसान संबंधित तहसील या राजस्व विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।












