आज सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले, जिससे निवेशकों में भरोसा देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा, खासतौर पर बैंकिंग, आईटी और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में शुरुआती मजबूती दिखी। वर्ष के अंत के कारोबारी सत्र होने के कारण बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क लेकिन सकारात्मक माहौल नजर आया।
हालांकि शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ता दिखा। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर मुद्रा बाजार में स्पष्ट रूप से देखा गया। विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की वैश्विक मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की ओर से पूंजी निकासी जैसे कारक रुपये पर दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा साल के अंत में आयातकों की डॉलर मांग भी रुपये की कमजोरी की एक वजह मानी जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि साल के आखिरी दिनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से कम रहता है, जिससे शेयर और मुद्रा दोनों बाजारों में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिलता है। इसी बीच निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक संकेतों और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से तरलता और मुद्रा स्थिरता को लेकर उठाए गए कदमों से बाजार को मध्यम अवधि में सहारा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त से निवेशकों को राहत मिली है, लेकिन रुपये की कमजोरी ने सतर्कता भी बढ़ाई है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेश प्रवाह और डॉलर-रुपया की चाल पर निर्भर करेगी।













