प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 129वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए वर्ष 2025 की उपलब्धियों, स्वतंत्रता संग्राम के योगदान, युवा शक्ति और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बीता वर्ष भारत के लिए आत्मविश्वास, सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक रहा है, जिसने देश को विकास की नई दिशा दी है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि को श्रद्धांजलि देते हुए उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि पार्वती गिरि ने कम उम्र में ही भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और आजादी के बाद जनजातीय समाज तथा शिक्षा के क्षेत्र में आजीवन कार्य किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी 2026 में उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी, जो देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
पीएम मोदी ने वर्ष 2025 को भारत की सामूहिक शक्ति और संकल्प का वर्ष बताते हुए कहा कि इस दौरान देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, खेलों में भारत के बेहतरीन प्रदर्शन, वन्यजीव संरक्षण में मिली सफलता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने की बात कही। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन उपलब्धियों ने वैश्विक मंच पर भारत की साख को और मजबूत किया है।
युवा शक्ति पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने नवाचार, स्टार्ट-अप संस्कृति और तकनीकी समाधान विकसित करने में युवाओं की भूमिका की सराहना की। पीएम मोदी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपनी प्रतिभा को समाज के हित में लगाएं।
प्रधानमंत्री ने भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाएं, परंपराएं और लोकसंस्कृतियां भारत को एक सूत्र में बांधती हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल विरासत का संरक्षण होता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता भी मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि 12 जनवरी 2026, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का आयोजन किया जाएगा। इस मंच के जरिए देशभर के युवा अपने विचार साझा करेंगे और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आने वाले वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी युवा ऊर्जा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामूहिक प्रयासों के दम पर आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगा।













