महाराष्ट्र राजनीति में नया मोड़, अजित पवार और आजम पानसरे की बैठक से बढ़ी हलचल

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने शनिवार को पिंपरी-चिंचवड़ में एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेता आजम पानसरे से मुलाकात की। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद दोनों गुटों के बीच सीधा संवाद सामने आया है। बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि एनसीपी और एनसीपी-एसपी के बीच जल्द ही किसी बड़े गठबंधन का एलान हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। आजम पानसरे ने संकेत दिए कि दोनों पक्ष एक साथ आने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो गठबंधन को लेकर औपचारिक घोषणा में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में एनसीपी में विभाजन के बाद से शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के बीच राजनीतिक दूरी बनी हुई थी। दोनों गुट अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर चल रहे थे, लेकिन निकाय चुनावों के नजदीक आते ही समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में अजित पवार और आजम पानसरे की यह मुलाकात पवार परिवार और एनसीपी के दोनों धड़ों के बीच रिश्तों में संभावित सुधार का संकेत मानी जा रही है।

इस बीच कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह आगामी स्थानीय चुनावों में एनसीपी या एनसीपी-एसपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपनी अलग रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतरेगी। इससे महाराष्ट्र की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनसीपी और एनसीपी-एसपी के बीच गठबंधन होता है, तो इसका सीधा असर पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और मुंबई जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों के चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में इस संभावित गठबंधन को लेकर और बैठकों तथा राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने की संभावना है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।

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